ई रागी किस्म VL-352CS हाल ही में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई है जो, बेहतर उत्पादन में सक्षम है। यह किस्म 90 दिनों में पककर तैयार हो जायेगी, एवम् अन्य किस्मों की बजाय अधिक पैदावार देगी। किसानों को इसके बीज भी ऑनलाइन उपलब्ध करवा रही है। ऐसे में किसानों को बेहतर पेडावार हेतु रागी की खेती कैसे करें, उत्पादन, बुवाई का समय एवम् उर्वरक खाद की मात्रा सहित सम्पूर्ण जानकारी इस लेख में हम आपको बताएंगे..
नई रागी किस्म VL-352CS
भारत में मोटे अनाज में अन्य कृषि देशों में सबसे अधिक पैदावार देने के मामले में प्रथम स्थान प्राप्त है, मोटे अनाज में बाजरा, ज्वार, रागी समेत अन्य कई फसलें आती है, जिसको भारत के कई राज्यों जैसे कर्नाटक तमिलनाडु उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बोई जाती है, ऐसे में रागी के अधिक पैदावार हेतु कृषि वैज्ञानिकों ने रागी की नई उन्नत किस्म VL-352CS का इजात किया है जो प्रति एकड़ में 15 क्विंटल से अधिक पैदावार हेतु सक्षम है।
रागी (Finger millet) के प्रमुख उत्पादक राज्य.
भारत में रागी प्रमुख रूप से पश्चिमी दक्षिणी राज्यों में बोई जाती है, यह वैसे तो अफ्रीका का प्रमुख अनाज है परंतु, कृषि एवम् किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार सबसे अधिक रागी की पैदावार भारत में कर्नाटक राज्य में होती है, जहां साल 2021- 22 में 11.27 लाख टन, 2022- 23 में 11.48 लाख टन एवम् साल 2023- 24 में 8.65 लाख टन पैदावार हुई, इसके बाद दूसरे नंबर पर साल 2023- 24 में रागी उत्पादन में 1.89 लाख टन के साथ तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर उत्तराखंड राज्य का स्थान है , इसके अलावा अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, बंगाल एवम् बिहार आदि है।
इस साल 2024 में मोटे अनाज की बुवाई में बढ़ोतरी
खरीफ सीजन में सरकार द्वारा चलाई गई स्कीम श्रीअन्न के तहत फसलों की बुवाई आंकड़े केंद्रीय कृषि एवम् किसान कल्याण मंत्रालय ने जारी किए जिसके अनुसार मोटे अनाज की फसल बुवाई जबर्दस्त बढ़ी है, हाल के के नए अनुमान के मुताबिक तक मोटे अनाज की बुवाई 188.72 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में हुई है, दूसरी ओर बीते साल की बजाय इस साल 2 लाख हैक्टेयर भूमि पर रागी की बुवाई अधिक होने के साथ साथ 10.78 लाख पर पहुंच गई।
नई रागी किस्म VL-352CS की बुवाई कब करें?
रागी की कृषि मुख्य रूप से काली एवम् दोमट मिट्टी में आसानी से की जा सकती है, इस हेतु नरम और गर्म जलवायू चाहिए, इसके लिए वर्षा 50 से 90 सेंटीमीटर तक जरूरत होती है, अधिक बारिश इसकी फसल को नुकसान पहुंचा सकती है, वैसे तो रागी बारिश के मौसम यानि जून जुलाई माह में शुरू होती है, हालांकि कई स्थानों पर इसके बाद भी बोई जाती हैं , यह फसल खरीफ सीजन की फसल है।
रागी की एमएसपी रेट में बढ़ोतरी
वित वर्ष 2024- 25 हेतु केन्द्र सरकार द्वारा रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP Rate) बीते वर्ष की बजाय 444 रूपए प्रति क्विंटल तक बढ़ोतरी कर दी है, इस वर्ष अच्छी बारिश के चलते पैदावार एवम् बुवाई का रकबा बढ़ने के आसार हैं।
इन बातों का रखे रागी की खेती विशेष ध्यान
कृषि विभाग मध्य प्रदेश के मुताबिक शुरुवाती 45 दिनों तक फसल को खरपतवार नियंत्रण हेतु विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे पौधा अच्छा विकास कर सके। हल्की सी लापरवाही पैदावार में भारी गिरावट दें सकती है, खरपतवार नियंत्रण हेतु किसान रोपाई के 20 दिन बाद 2- 4D. Sodium salt (80%) को एक किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर में चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार नियंत्रण हेतु छिड़काव करें। इसके अलावा किसान वालिया निकलने के पहले अच्छे से निराई जरूर करें।
किसानों को ऑनलाइन मिल रहा है रागी की नई किस्म VL-352CS का बीज
किसान रागी की नई किस्म VL-352CS का बीज अब घर बैठे भी आसानी से मंगवा सकते हैं, इसके लिए प्रमाणित बीज आप ओएनडीसी के प्लेटफार्म पर national seed corporation यानी nsc के मध्यम से ऑनलाइन ले सकते हैं। केंद्रीय कृषि एवम् किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा किसानो को रागी के उन्नत एवम् प्रमाणित बीज ही खरीदने की सलाह देता है। यह रागी की नई किस्म VL-352CS जो अन्य सामान्य किस्म की बजाय बेहतर उत्पादन क्षमता देती है अतः इसकी बुवाई किसान कर सकते हैं।
।
व्हाट्सएप ग्रुप 👉 ज्वॉइन करें
👉8 फीसदी अधिक पैदावार देने वाली सरसों की नई किस्म कृषि संस्थान ने की विकसित,17 राज्यों हेतु उपयुक्त
👉धान बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद हेतु पंजीकरण तिथि जारी, मोबाइल से घर बैठे ऐसे करें पंजीयन
👉Soybean MSP Rate update | केंद्र सरकार ने सोयाबीन एमएसपी पर लिया फैसला , इन राज्यो को मिलेगा लाभ
👉आलू की ये 5 किस्म जो देती है 400 से अधिक प्रति हैक्टेयर उत्पादन, जानिए सम्पूर्ण जानकारी
👉धान की फसल में यूरिया कितनी डालें जाने क्या कहते है कृषि एक्सपर्ट
कृषि जगत की जानकारी 👉 व्हाट्सएप ग्रुप
किसान भाइयों , www.apniaawaj.in पर समय समय पर कृषि, एवम् खेती से जुड़ी सभी प्रकार की किस्में, सरसों की उन्नत किस्में, रोग के रोकथाम हेतु उपाय, कीट प्रबंधन,icar भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा खेती हेतु सुझाए गए उपाय, एवम् उत्पादन क्षमता में सुधार के क्या क्या उपाय किसान कर सकते हैं, इसके बारे में अपनी आवाज वैबसाइट पर जानकारी आपके साथ सांझा की जाती है, इसके अलावा समय समय पर नई नई किस्में, उन्नत बीज, फल एवम् सब्जी की जानकारी,कृषि यंत्र अनुदान योजना आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाया जा रहा है । अतः रोजाना नई नई जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
