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आलू की ये 5 किस्म जो देती है 400 से अधिक प्रति हैक्टेयर उत्पादन, जानिए सम्पूर्ण जानकारी

आलू की प्रमाणित बीज, एवम् किस्में कोन सी है, यदि आप भी आलु की खेती करना चाहते है तो आइए जानते हैं (Top potato variety)

 

Top potato variety in Hindi | किसान साथियों हमारे देश में फसलों में बुवाई के लिहाज से चावल, गेहूं और गन्ने के बाद आलू का स्थान आता है, आलू खरीफ सीजन में बोई जाने से प्रमुख फसल है, आलु सारा साल काम आने वाली प्रमुख सब्जी है, यानि 12 महीने इसकी मांग मार्केट में बनी रहती है।

आलू के उत्पादन की बात करें तो भारत विश्व के उत्पादन में तीसरे स्थान पर आता है, आलू में प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है इसके अतिरिक्त इसमें विटामिन बी एवम् विटामिन सी के साथ साथ स्टार्च की मात्रा भी मौजूद होती है. आलू के माध्यम से अनेक प्रकार के पदार्थ, जैसे पापड़, चोखा, पकोड़े, चाट, समोसे, टिक्की, मसालेदार सब्जी, चिप्स आदि ओद्योगिक क्षेत्र में भी किया जा रहा है।

यदि आप भी इस समय खरीफ सीजन की आलू की कृषि करने जा रहे हैं तो उससे पहले अधिक पैदावार देने वाली प्रमुख आलू की किस्म कोन कोन सी है, इसके बारे में आपको पता होना जरूरी है, ताकि अधिकत्म उत्पादन ले सके. तो चलिए जानते हैं आलू की टॉप 8 किस्म कोन कोन सी है…

आलू की अधिक पैदावार वाली किस्म कोन सी है ? (Top potato variety in India)

आलू की प्रमुख नई किस्म जो बंपर पैदावार देने के लिए जानी जाती है एवम् कृषि विभाग द्वारा प्रमाणित है, उन सभी किस्म को हम इस लेख में बारी बारी जानते हैं..

(1) आलू की कुफरी अलंकार किस्म Kufri Alankar variety of potato

आलू की इस प्रमुख प्रमाणित एवम् उन्नत किस्म की बात करें तो यह कुफरी अलंकार किस्म 200 से 260 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन हेतू मानी गई है। जबकि यह पकने में सिर्फ़ 70 दिन का समय लेती है, इसका प्रमुख रूप से उत्पादन क्षेत्र उतरी भारत के मैदानी इलाकों में किया जाता है।

(2) आलू कुफरी चंद्रमुखी किस्म | Top potato variety

Top potato variety | आलू की इस किस्म को पकने में 85 से 90 दिन का समय लेती है इसके तने का रंग लाल भूरे रंग के धब्बे के समान हरा होता है, इस किस्म कुफरी चंद्रमुखी किस्म के पैदावार के लिहाज में तकरीबन 220 से 260 क्विंटल देती है, यह किस्म मुख्यत उतरी भारत के मैदानी एवम् पठारी इलाको मे बोई जाती है।

(3) आलू कुफरी गंगा किस्म

Top Potato variety in Hindi | यह आलू की किस्म उत्पादन के लिहाज से 240 से 310 क्विंटल तक दे सकती है, इस किस्म को कम समय में अधिक पैदावार देने वाली किस्म माना गया है, पकने में यह किस्म महज 70 से 80 दिन लेती है यह किस्म मुख्यत उतरी भारत की किस्म है।

(4) आलू कुफरी मोहन किस्म

आलू की यह किस्म Top potato variety प्रति हैक्टेयर उत्पादन के लिहाज से 360 से 410 क्विंटल तक दे सकती है, यह किस्म पाले में भी खराब नही होती जो सबसे बड़ी विशेषता मानी गई है।

(5) आलू कुफरी नीलकंठ किस्म

आलू की यह उन्नत किस्म एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर किस्म होती है जो ठंड के मौसम में भी खराब नही होती, पकने में यह किस्म तकरीबन 95 से 100 दिन लेती है एवम् उत्पादन के लिहाज से यह किस्म 370 से 415 क्विंटल तक दे सकती है। Top potato variety

आलू की अन्य उन्नत किस्में इस प्रकार है.

A. आलू की अगेती किस्म:– भारत में आलू की अनेक प्रकार की अगेती किस्म Top potato variety जो तकरीबन 90 से 115 दिन में मार्केट में बिक्री हेतू तैयार हो जाती है, उन्हे अगेती किस्म मानी जाती है, अगेती किस्मों में जैसे:-
* जवाहर
* सदाबहार
* सतलुज
* लालिमा
* अलंकार
* कुरकुरी

B. मध्यम समय की आलू की किस्म:- भारत की मध्यम समय यानि 85 से 110 दिन में मार्केट में पककर बिक्री हेतू आ जाती है, जिनमें प्रमुख किस्म इस प्रकार है..
* बाहर
* लालिमा
* सतलुज

C. अधिक समय में पकने वाली किस्म:- आलू की वह किस्म जो अधिक समय पकने में लेती है, यह किस्में 110 से 125 दिन पकने में समय लेती है जो इस प्रकार है…
* कुफरी सिंदूरी
* फ्राई सोना
* बादशाह।

आलू रंग के अनुसार इतने प्रकार के होते हैं.

आलू रंग के अनुसार कई प्रकार के होते हैं, यह लाल रंग का आलू, पीले रंग का आलू, बैंगनी रंग का आलू, सफेद रंग का आलू, रसेट रंग का आलू। आदि रंग के अनुसार मार्केट में इस समय आलू की किस्में मिल रही है।

ये हैं आलू की प्रमुख शंकर किस्में..

कुफरी जवाहर JH 222:- आलू की Top potato variety प्रमुख शंकर किस्मों में यह जवाहर कुफरी किस्म काफी अच्छा एवम् अधिक पैदावार देने हेतू मानी गई है, प्रति हैक्टेयर भूमि में यह किस्म 250 से 300 क्विंटल पैदावार एवम् पकने में 95 से 110 दिन तक समय लेती है। आलू की यह किस्म अगेती किस्म है जिसमें झुलसा और फोम जैसे रोग नहीं लगते।

आलू की शंकर किस्म E 4486:- शंकर आलू की यह उन्नत किस्म पकने में अन्य किस्म की बजाय अधिक यानी 130 दिन से अधिक लेती है जो प्रमुख रूप से उतरी भारत के राज्यों उतर प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार और गुजरात आदि में बोई जाती है।

इनके अलावा भी आलू की नई किस्म इस साल भारत सरकार द्वारा विकसित की गई है, जिसके बारे में अगली पोस्ट में आपके साथ वैबसाइट पर सांझा की जाएगी.

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किसान भाइयों , www.apniaawaj.in पर समय समय पर कृषि, एवम् खेती से जुड़ी सभी प्रकार की किस्में, उनके रोकथाम हेतु उपाय, कीट प्रबंधन,icar भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा खेती हेतु सुझाए गए उपाय, एवम् उत्पादन क्षमता में सुधार के क्या क्या उपाय किसान कर सकते हैं इसके बारे में अपनी आवाज वैबसाइट पर जानकारी आपके साथ सांझा की जाती है, इसके अलावा समय समय पर नई नई किस्में, उन्नत बीज, कृषि यंत्र अनुदान योजना आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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