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गर्मी झेलने मै सक्षम करनाल कृषि विश्वविद्यालय द्वारा गेहूं की नई किस्म HD 3385 की विकसित, जानें कितना अधिक देगी उत्पादन

कृषि अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा हाल ही में विकसित की गई 2 नई किस्में 8 से 10 क्विंटल तक अधिक पैदावार देने में सक्षम होगी आईए इनके New wheat variety 2024 बारे में सम्पूर्ण जानकारी देते हैं..

New wheat variety 2024 | किसान साथियों भारत की कुल 140 करोड़ से अधिक जनसंख्या होने के चलते खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाना काफी मुश्किल है, ऐसे में सरकार द्वारा लगातार कृषि विभाग एवम् संबंधित विभागों को अधिक पैदावार देने वाली किस्मों के बारे में नई नई खोज हेतु प्रोत्शाहन करती है।

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इन सभी प्रयासों के तहत देश में अनेक कृषि विश्वविद्यालय ओपन किए जा चुके हैं, एवम् सरकार द्वारा सालाना नए नए और भी कृषि अनुसंधान संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, ओर खेती से जुड़े नए नए संस्थान खोल रही है, ताकि अधिक से अधिक खेती से संबंधित अनुसंधान किए जा सके, इसके लिए समय समय पर बजट भी अलॉट किया जा रहा है।

कृषि अनुसंधान संस्थान में कार्यरत कृषि वैज्ञानिकों द्वारा भी दिन रात मेहनत के बल पर प्रत्येक साल नई नई उन्नत किस्में विकसित की जा रही है, जिसमें कम समय में पकने वाली किस्म, अगेती किस्म, पछेती किस्म एवम् रोगप्रतिरोधक किस्म आदि । इसी प्रयास में हाल ही में गेहूं एवम् जौ अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा 2 नई रोग प्रतिरोधक किस्में विकसित की गई है।

इन 2 नई गेहूं की किस्म New wheat variety 2024 की क्या खासियत है, एवम् कितने दिन में पकेगी और कितनी पैदावार देगी, आदि जानकारी इस लेख में विस्तार से जानेंगे..

किसानों द्वारा खरीफ सीजन की फसल कटाई के बाद रबी सीजन में गेहूं के साथ साथ अन्य फसलों की बुवाई में लग जायेंगे, क्योंकि गेहूं इस रबी सीजन की प्रमुख फसल है एवम् देश के अधिकतर राज्यों में गेहूं की खेती की जाती है। ऐसे में गेहूं की उन्नत एवम् कम समय में अधिक पैदावार देने वाली गेहूं की किस्म के बारे में जानकारी होना जरूरी है, ताकि अधिकतम उत्पादन किसान ले सके।

किसानों हेतु हाल ही में गेहूं एवम् जौ अनुसंधान संस्थान करनाल द्वारा 2 रोग प्रतिरोधी किस्में Hd-3385 एवम् DBW 187 विकसित की गई है जो अन्य सामान्य किस्मों की बजाय 15 फीसदी तक अधिक पैदावार देने वाली है, इसके अलावा इस किस्म में रोग भी नही लगेगा।

गेंहू एवम् जौ अनुसंधान संस्थान करनाल क्षेत्रीय स्टेशन द्वारा विकसित गेहूं की नई किस्म HD 3385 की क्या-क्या खासियत है, और कितना उत्पादन दे सकती है, इस लेख में आइए जानते हैं…

HD 3385 गेहूं की नई किस्म की ये है खासियत

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड रिसर्च (ICAR) द्वारा विकसित इस गेहूं की नई New wheat variety 2024 उन्नत किस्म HD 3385 को विकसित किया गया है, जिसकी बुवाई भारत के प्रत्येक राज्यो मे आसानी से की जा सकती है, यह किस्म अधिक पैदावार एवम् रोग प्रतिरोधक क्षमता से लैस है। यह किस्म प्रमुख गेहूं के रोग जैसे पीला रतुआ, जलवायु प्रतिरोधी, अन्य रोगों से बची रहेगी। इन गुणों के चलते सम्पूर्ण भारत हेतु अनुसंशा की गई है।

गेंहू की यह नई किस्म HD 3385 उत्पादन क्षमता के लिहाज से प्रारंभिक परीक्षण में 75 क्विंटल तक प्रति हैक्टेयर भूमि पर पैदावार दिया है। इसके अलावा इस किस्म में करनाल बंट जैसी बीमारी भी नही पनपती। इसके इस किस्म में अधिक तापमान का भी बुरा प्रभाव नहीं होगा।

इस किस्म New wheat variety 2024 को बीते कुछ समय पहले ही कृषि मंत्रालय के प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वैरायटीज एंड फार्मर्स राइट अथॉरिटी (P.P.P. AND F. R.A.) मुख्यालय दिल्ली द्वारा पंजीकृत किया गया था। कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा इसी कानून के तहत विभिन्न नई किस्में प्रसारित हेतु MOU साइन करती है। IRAI द्वारा इस गेहूं की नई किस्म के साथ साथ अन्य 70 किस्मों के बीज उत्पादन हेतु अनुबंध किया जा चुका है। कम समय में अधिक बीज उत्पादन करने हेतु इन संस्थानो को जिम्मेवारी दी गई है ताकि अधिक किसानों तक बीज उपलब्ध करवाया जा सके।

गेंहू की नई किस्म HD 3385 बुवाई कब करें

Wheat new variety 2024 HD 3385 के बारे में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान करनाल के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रधान वैज्ञानिक के अनुसार यह किस्म उत्तर भारत के हरियाणा पंजाब दिल्ली एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि राज्यो मै बुवाई का उचित समय अक्टूबर के अंतिम एवम् नवम्बर की प्रथम सप्ताह मै उचित रहेगा।

गेंहू की नई किस्म HD 3385 देगी 15% अधिक पैदावार

पैदावार के लिहाज से यह किस्म New wheat variety 2024 अन्य किस्मों जैसे HD 2967 किस्म से 15% अधिक, HD 3086 किस्म से 10% अधिक, गेहूं DBW 222 से 9 प्रतिशत,DBW 187 से 6.7% ज्यादा पैदावार देगी। गेंहू की यह किस्म HD 3385 प्रति हैक्टेयर के लिहाज से 60 क्विंटल ऐवरेज जबकि 73 क्विंटल तक अधिकत्म उत्पादन दे सकती है। इस हेतु दिन का टेंपरेचर 25 से 30 डिग्री सेल्सियस एवम् रात का टेंपरेचर 15 से 20 तक उपयुक्त रहेगा। इस किस्म के पौधे की ओसत लंबाई 100 cm के आसपास रहेगी।

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किसान भाइयों , www.apniaawaj.in पर समय समय पर कृषि, एवम् खेती से जुड़ी सभी प्रकार की किस्में, उनके रोकथाम हेतु उपाय, कीट प्रबंधन,icar भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा खेती हेतु सुझाए गए उपाय, एवम् उत्पादन क्षमता में सुधार के क्या क्या उपाय किसान कर सकते हैं इसके बारे में अपनी आवाज वैबसाइट पर जानकारी आपके साथ सांझा की जाती है, इसके अलावा समय समय पर नई नई किस्में, उन्नत बीज, कृषि यंत्र अनुदान योजना आदि की जानकारी भी उपलब्ध करवाया जा रहा है । अतः रोजाना नई नई जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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