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धान की फसल में यूरिया कितनी डालें जाने क्या कहते है कृषि एक्सपर्ट

धान में कही अधिक यूरिया की मात्रा फसलों को बर्बाद न कर दें । Urea fertilizer in paddy

Urea fertilizer in paddy farming :- किसान साथियों इस समय धान की फसल की बुवाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, ओर अधिकतर राज्यों अगेती धान की फसल में या बालियां आने लगी है या फिर कुछ ही दिनों में नई बालियां निकलने लगेगी, जबकि कुछ स्थानों पर धान की नई आवक भी शुरू हो चुकी है, तो कही कही अब बुवाई हुई है ।

किसान साथियों ऐसे में धान में यूरिया की कितनी मात्रा का इस्तेमाल करना चाहिए इसके बारे में कृषि के जानकार क्या कहते हैं इसके बारे में आज के लेख में हम विस्तार से इस आर्टिकल में आपके साथ जानकारी साझा करेंगे ताकि किसान अधिक यूरिया से होने वाले नुकसान के साथ साथ उपयुक्त मात्रा में धान की खेती में urea fertilizer का करें ताकि अधिकतम लाभ एवं न्युनतम आर्थिक हानि किसानों को हो।

धान की खेती के लिए उपयुक्त जानकारी

Dhan ki kheti:- किसान साथियों देश के अधिकतर राज्यों में धान की फसल बोई जाती है, चाहे उतर हो या दक्षिण भारत, या फिर पूर्वी हो या पश्चिम भारत, भारत में धान की खेती। Urea fertilizer in paddy farming हेतु बुवाई का उपयुक्त समय जून माह से लेकर अगस्त माह तक आसानी से की जा सकती है, धान की रोपाई का कार्य करने से पहले नर्सरी में इसकी पौध तैयार की जाती है, जब यह पौध तकरीबन 25 दिन की हो जाती है उसके बाद ही खेतों में रोपाई का कार्य किया जाता है, इसका प्रमुख कारण कही पौध पानी में न बह जाए, इससे रोकने हेतु इतनी बड़ी पौध तैयार की जाती है ।

अनेक प्रकार की ऊर्वरक का उपयोग धान की खेती में किसानों द्वारा किया जाता है, जिसमें यूरिया एक प्रमुख ऊर्वरक है, जो धान के पौधों को नाइट्रोजन की मात्रा उपलब्ध करवाता है, जिससे फसल बढ़वार में सहायक होता है। हालांकि यूरिया की कितनी मात्रा धान की फसल में करनी चाहिए, ये बात अधिकतर किसानों को पता नहीं होती, जिसके कारण किसान आवश्यकता से अधिक मात्रा में इस्तेमाल कर देते हैं जिसके कारण फसलों में तो उत्पादन पर असर होता ही है साथ साथ आर्थिक हानि भी काफी होती है, इसलिए आज इस लेख में हम यूरिया का कितना इस्तेमाल करे आदि की जानकारी देते हैं…

इतने दिन बाद करें यूरिया का छिड़काव

Urea fertilizer in paddy farming | धान की फसल में यूरिया के बारे में हाल ही में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कहा गया है कि यूरिया का उपयोग धान की फसल में बहुत जरूरी होता है, जिसमें 46 फीसदी नाइट्रोजन की मात्रा उपलब्ध होती है, हालांकि इसकी कितनी मात्रा होनी चाहिए इसके बारे में किसान जरुर ध्यान दें। यूरिया का प्रयोग किसान उस समय करे जब पौधा कम से कम 3 से 4 पत्ते निकल जाए, धान की फसल में यूरिया की हल्की मात्रा इस समय करनी चाहिए, जिसके कारण पौधे को उचित मात्रा में पोषक तत्व मिले एवं पौधा अच्छी ग्रोथ कर सकें।

धान की फसल में यूरिया की अधिक मात्रा का नुकसान क्या है?

आवश्यकता से अधिक मात्रा में यूरिया का इस्तेमाल धान में अनेक प्रकार के नुकसान पहुंचा सकता है, यदि आवश्यकता से अधिक मात्रा में धान की फसल Urea fertilizer in paddy farming में यूरिया का उपयोग किया जाता है तो स्वच्छ पत्तियां कमज़ोर होने लगती है एवं इसमें पीलापन सा दिखाई देने लगता है, ओर फसल की ग्रोथ रुक जाती है, इसके अतिरिक्त मिट्टी की उर्वरकता शक्ति भी काफी कमज़ोर होने लगती है। जिसके कारण आगमी फसलों पर भी इसका असर देखने को मिलता है।

धान में कितना यूरिया डाले?

Urea fertilizer in paddy farming | किसान साथियों एक्सपर्ट की माने तो धान की खेती करने वाले किसानों को प्रति हैक्टेयर के हिसाब से 100/120 क्विंटल की मात्रा सही मानी गई है, जिसकी मात्रा आप कम से कम 2 बार उपयोग कर सकते हैं, जिसमें पहला छिड़काव 3/4 पतियां आने पर ओर दूसरा इस्तेमाल बालियां आय उस समय कर सकते हैं।, यदि आप इस तरह यूरिया का इस्तेमाल करेंगे तो उत्पादन बढ़ोतरी के लिए उपयुक्त होगा।

इसके अलावा यदि आप 3 बार यूरिया का प्रयोग करना चाहते हैं तो आप सबसे पहले 25 दिन बाद 70 किलो की मात्रा उपयोग करें, उसके बाद दूसरा छिड़काव यूरिया का उस समय कर सकते हैं जब गोभ (ग़लोट) यानि बालियां आने वाली हो उस समय 40 किलो डालें, और तीसरी बार यूरिया का इस्तेमाल आप चांवल के दाने बालियों में पड़ने लगे उस समय 15 से 20 किलो तक कर सकते है। । Urea fertilizer in paddy

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