Top Paddy variety in less water: इस समय धान की बुवाई का समय नजदीक आ रहा है, ऐसे में किसानो के सामने कई प्रकार की धान की किस्में मार्केट में उपलब्ध है, जिनको चुनकर अच्छी पैदावार ले सकते है, परंतु धान की बुवाई करते समय अनेक प्रकार की अधिकतर ऐसी किस्म है जिसमें बहुत अधिक पानी की मात्रा की आवश्यकता पड़ती है।
3 Top Paddy variety । धान की उन्नत किस्में
अधिक पानी की आवश्यकता के कारण धान की कई स्थानों पर रुपाई कर पाना मुश्किल हो जाता है, ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अनेक प्रकार की धान की उन्नत किस्में निजात की गई है, जिसमें पानी की मात्रा काफ़ी कम जरूरत पड़ती है, यानि अब कम पाणी यानि सूखे क्षेत्र में भी धान की बुवाई की जा सकती है, तो किसान भाइयों आज के लेख में हम जानेंगे सूखे क्षेत्र की टॉप 3 धान की उन्नत किस्में एवम् उससे संबंधित संपूर्ण जानकारी।
इन क्षेत्र में होती है मानसून आधारित धान की बुवाई
किसान भाइयों इस समय जल्द ही मानसून का समय भारत के अनेक इलाकों में जल्द ही बारीश लेकर आने वाला है, जो किसानों को धान की बुवाई हेतू अच्छा पानी का स्त्रोत उपलब्ध करवाता है, यानि अधिकतर क्षेत्र में भारत में धान की बुवाई मानसून पर निर्भर है, ऐसे में भारत के पश्चिम बंगाल, उतर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा एवम् हरियाणा से लगे राजस्थान के कुछ स्थानों पर धान की बुवाई मानसून के आने पर की जाती है।
धान खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मानी जाती है, जो अन्य फसलों की बजाय अधिक उत्पादन के कारण अच्छा मुनाफा भी मिल जाता है, ऐसे में किसान खरीफ सीजन में धान की बुवाई भारत के मानसून आधारित बुवाई जून जुलाई माह की शुरु की जाती है, इससे पहले मई माह में इसकी नर्सरी तैयार की जाती है, वही सूखे क्षेत्र में इसकी बुवाई करना काफ़ी मुश्किल होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए कृषि वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में कम पानी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों हेतु 3 नई धान की किस्में विकसित की गई है।
कम पानी में उगाए धान की ये 3 किस्म। Top Paddy variety in less water
किसान भाइयों Top Paddy variety देश के अनेक इलाकों में एवम् वातावरण के अनुसार हालंकि अनेक किस्म इस समय देश में धान की किस्में विकसित की गई है, परंतु कम पानी वाले क्षेत्र में इन 3 किस्मों की बुवाई करके किसान अच्छा लाभ कमा सकते है तो चलिए जानते हैं इस लेख में विस्तार से…..
1. धान की किस्म बासमती पूसा 834
Top Paddy variety किसान साथियों कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा धान की उन्नत किस्म बासमती पूसा 834 विकसित की गई है जो 120- 130 दिन में पककर तैयार हो जाती है, धान की यह किस्म कम उपजाऊ भूमि एवम् कम मात्रा में पानी में पकने में सक्षम है, इसके अलावा इसकी खास बात यह है कि इसमें झुलसा रोग जैसी बीमारी नहीं लगती, प्रति हैक्टेयर क्षेत्र में इसका उत्पादन तकरीबन 70 क्विंटल तक का अनुमान है।
2. धान की किस्म पूसा सुगंध 5
Paddy variety in India धान की इस किस्म पूसा सुगंध 5 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित किया गया है, यह किस्म हाईब्रिड किस्म सुगंधित एवम् उच्च गुणवत्ता युक्त है, पकने दमै यह अधिकतम 4 महिने का समय लेती है, प्रति हैक्टेयर में इसका उत्पादन 60 क्विंटल तक लिया जा सकता है, इसका निर्यात अनेक यूरोपियन देशों एवम् कनाडा, अमेरिका मै किया जा रहा है। कम पानी में पकने के साथ साथ इस किस्म के दाने सुगंधित लंबे एवम् पतले होते हैं।
3. धान की किस्म स्वर्ण शुष्क
धान की यह नई किस्म ( new Top Paddy variety) स्वर्ण शुष्क कम पानी में अधिक उत्पादन क्षमता रखता है, कीट एवम् रोगों के प्रती सहनशील होती है, वही उत्पादन के लिहाज से यह किस्म प्रति हेक्टेयर 50 क्विंटल तक दे सकती है, पकने में तकरीबन यह किस्म 110 से 120 दिन का समय लेती है। यह धान की किस्म कम ऊंचाई वाली किस्म है।
निष्कर्ष: किसान भाइयों आज www.apniaawaj.in के लेख में हमने आपके साथ धान की अधिक पैदावार देने वाली एवम् कम मात्रा में पानी वाली 3 उन्नत किस्में कोन सी है के बारे में जानकारी दी। ऐसे ही खेती बाड़ी कृषि क्षेत्र एवम् किसान योजनाएं वैबसाइट पर अपडेट करते हैं तो आप वैबसाइट पर विजिट करके नई नई जानकारी देख पाएंगे।
