Haryana mansoon entry update: हरियाणा में मानसून आज यानी 25 जून 2025 से सक्रिय हो गया है, मौसम विभाग के अनुसार पहले 28 जून को मानसून की एंट्री होने का अनुमान था, परंतु 5 दिन पहले ही 25 जून को मानसून प्रदेश में सक्रिय हो गया है, इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में बादलवाही से अंधेरा छाया हुआ है।
आज सुबह से ही हरियाणा के 6 जिलों हिसार अंबाला करनाल पानीपत कुरुक्षेत्र एवं यमुनानगर में बादलवाही के साथ मानसूनी बारिश शुरू हो गई है। वही फतेहाबाद सिरसा भिवानी जींद एवं झज्जर समेत अन्य जिलों में सुबह से ही बादलों की काली घटा छाई हुई है, आगामी 3 से 6 घंटों में इन जिलों में भी बारिश की चेतावनी जारी की है।
हरियाणा मानसून अपडेट
हरियाणा में मानसूनी बारिश के बारे में मौसम विभाग ने बताया कि यह 25 सालों में 14वीं बार है जब प्रदेश में मानसून की सक्रियता तय समय से पहले हुई है, मौसम विभाग का अनुमान था कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 28 से 29 जून तक होगी, परंतु अब 5 दिन पहले यानी आज 25 जून को ही मानसून सत्र की हरियाणा में शुरुआत हो गई, उधर कल श्याम को ही यमुनानगर जिले में बारिश हुई है, जिसके कारण हरियाणा की उतरी नदी मारकण्डा का भी जल स्तर बढ़ गया, इसका कारण हिमालय में बादल फटना बताया जा रहा है।
बीते दिन में कुरुक्षेत्र जिला ऐसा रहा जहा सबसे अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, सोनीपत के आसपास भी कल बारिश का मौसम बना था, मौसम विभाग के अनुसार कल प्रदेश में 5.9 मिली मीटर तक बारिश हुई है। वही प्रदेश में तापमान भी 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया। हरियाणा के अधिकतर जिले 40 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान वाले रहे, हालांकि सिरसा जिला सबसे गर्म रहा।
हरियाणा में 26 से 28 जून की मानसून गतिविधियां
26 जून का मौसम:- हरियाणा के कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला यमुनानगर अंबाला में 75 से 100 फीसदी तक बारिश हो सकती है, जबकि अन्य जिलों में 50 से 75 फीसदी तक बारिश की संभावना है।
27 जून का मौसम:- प्रदेश के रेवाड़ी महेंद्रगढ़ फतेहाबाद सिरसा फरीदाबाद गुरुग्राम मेवात आदि जिलों में 50 से 75 फीसदी जबकि अन्य सभी जिलों में बारिश की संभावना 50 से 75 फीसदी तक बनी हुई है।
28 जून का मौसम:- हरियाणा में 25 से 50 फीसदी बारिश की संभावना सोनीपत रोहतक पलवल सिरसा जींद पानीपत कैथल करनाल एवं कुरुक्षेत्र जिला में हिसार फतेहाबाद यमुनानगर पंचकूला अंबाला दादरी भिवानी गुरुग्राम झज्जर रेवाड़ी मेवात एवं महेंद्रगढ़ में 50 से 75 फीसदी तक बारिश हो सकती है।
धान एवं कपास की खेती के लिए है अच्छी खबर
हरियाणा कृषि प्रधान राज्य है, इसे बास्केट ऑफ फूड का टैग हासिल है, यहां प्रमुख रूप से धान एवं कपास की खेती की जाती है, ऐसे में जो किसान इस समय धान की रोपाई का कार्य करने वाले हैं उनके लिए मानसूनी बारिश काफी फायदेमंद होगी, किसान अब धान की बुवाई आसानी से कर सकते हैं, वही कपास में भी पानी की इस समय जरूरत है ऐसे में सिंचाई के लिए मानसूनी बारिश काफी लाभदायक होगी।
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